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Allama Afaque Ahmad Mujaddidiबह्र उल-इरफ़ान: समात व जहातबह्र उल-इरफ़ान शख़्सीज़ फ़िज़ू

अध्याय 54 में से 65पृष्ठ 366–374

बह्र उल-इरफ़ान शख़्सीज़ फ़िज़ू

इमरान अहमद इलाज़हरी अलकनौजी

व हो फ़ज़ील उलशेख़ स्याद अलमुफ्ती मुहम्मद आफ़ाक़ अहमद उलमजद्दी अलनक़्शबंदी रहिमा अल्ला अलमलकब बबहर उल-इरफ़ान, वल्द आम 191959म बक़रीज़ तस्मी बहरौंस बमदेरी फ़र्ख़ आबाद मिन विलाय उत्तराबरदेश उलहिंद.

निशाता:

निशा फ़ज़ील उलशेख़ फि दोह अलशरफ़ व रोज़ा उलमज्द व बाह अलफ़ज़ल, फहू यंतमी मक्ली सलाल अबी बुकर अलसदीक़ रज़ी अल्ला ताली अन्ना. व तरारा बह्र उल-इरफ़ान फि बेइज़्ज़ सालहक़ देनेय अतर, फ़क़द कान अबोह रिजला सालिहा मुतमासिका बालक़ीम अलइसलामेद , व अम्मा उम्मा फही अमराज़ इफीफ़ा महसिना तक़ीवु क़ुल नज़ीरहा फि उलवक़्त अलराहन, वही माज़ालित अली कैद अलहया ..

मसीरा इलतालीमी :

इलतहक़ बह्र उल-इरफ़ान "बालकिताब" फि क़रीता "बहरौंस" कआदद इकराना आंजाक , व उत्तम तालीमा अलाबतिदाई हनाक, व कांत उम्मा तज़मर अमने अजीमउ, हलू बेन एहशाइहा, लान युकोन अबना आलिमा कबीरा व फ़ाज़िला नबीला व रिजला अजीमा यख़दम दीन अल्ला अलहनीफ़ बसएह अलजलील, व कदा अलकदीद , व जहदा अलजहीद, बेनुमा ही कज़लक ग़ुज़ बलगहा नबा क़दूम उलशेख़ मुहम्मद मुस्तफ़ा रज़ा ख़ान उलक़ादरी उलमुक़लिब बालमुफ्ती अलाइज़म फि उलहिंद इब्न अलतिमाम अहमद रज़ा ख़ान उलहंदी _ रहमहमा अल्ला ताली मक्ली करीद तद्दई "दंदु बुज़ुर्ग़". व कान अलमुफ्ती अलाइज़म _ रहिमा अल्ला ताली शेखहा फि अलतरीक़ा उलक़ादरीय व कांत ही मुरीदत्त ला फ़ीहा फमन हना ज़हबत लिज़्यारता फि तलक उलक़री उलती ज़िकृत असम्हा आनफ़ा फ़ारज़त अमनीयतहा अली हज़रता, व तलबत अलदआ लाबनहा मिन जनाबा . फ़िदुआ अलमुफ्ती अलाइज़म लाबनहा मा दुआ व अल्ला आलम मा दुआ हती तस्नी लाबनहा अलार्तहाल मक्ली "अलबदायून " _ उलमदीन उलमारुफ़ट उलक़रीब मिन अलबरेलवी _ व इलतहक़ बमदरस ताबेत ललमस्जिद अलजाफ़री व इंज़िम फि सफ़ूफ़ तलामीज़ उलशेख़ अलमुफ्ती मुहम्मद खलील, विलकना लिम यलबस इंदा कसीरा हती इन्फ्सल मुँह बसबब इन्हिराफा अन मिन्हज अहल अलसंह वालजमाइ, व क़सद मक्ली इलजामाज़ अलनईमेत बमुराद आबाद , फ़िलक़ी मा अलालाम मुहम्मद हाशिम साहिब अलक़दम अलरासख़्म फि अलहकम व

अलफ़लसफ़ , व आरब इंदा अन शग़फ़ा बालउलूम व अलफ़नून उद्दीनेय अलइसलामेद फ़ाशआर अलैह उन्न यतवी इक़दामा मक्ली रहाब जामाज़ अलाशरफ़ "बक्शोशय" व ही यूमइज़ महद अलालम व मुंतदी अलादब .

फमज़ी मक्ली _ किशोशय_ व इलतहक़ बजामाज़ अलाशरफ़ ,फ़ाकिब अली अलदर्स व जिद फि इलतहसील, व अग़रम बालदरास व अलमुतालआअ . व इस्तबतन दखाइल उलउलूम व अलफ़नून , व असुबह फि तलक इलजामाज़ मुनक़ते उलक़रीन .

व बादमा तलक़ी बह्र उल-इरफ़ान उलउलूम व अलफ़नून मिन कबार अलालमा , व अजाम अलफ़ज़ला बजामाज़ अलाशरफ़ तख़र्ज आम 1979 म , व नाल शहाद अलफ़ज़ील. फिशहदुआ ला बहसन अलख़लक व अलादब व जमील अलसीर व अलसलोक, व सदक़्वा ला बतमहरा फि कुतुब इलतिफ़ासीर व अलाहादीस व अल्फ़िक़ा व उलाक़ाइद व गैरहा मिन कुतुब अलमंतिक़ व अलफ़लसफ़ व मा मक्ली ज़लक़ मिन उलूम अललग़ज़ अलारबया. व दावा ला बफाल उलहसनात व तर्क अलसीयात व अहराज़ उलफ़ूज़ फि अलंबदा व उलमियाद.

व लेस फि मक़दूर हज़ा उलक़लम अलाजिज़ उलमोजज़ उन्न युसफ़ ललक़ारी मा कान लबहर उल-इरफ़ान मिन तबहर फि अलालम व अलादब , व एकफ़ीना उन्न नक़ूल उन्ह तमीज़ मिन इंदादा व उत्तराबा बग़ज़ार अलालम, व शुद्द अलादब , व कौ उलहज्ज़, व सरेज़ अलहाफ़िज़ा, व कौ अलज़ाकर.

अख़लाक़ा व सिफ़ाता:

कान बह्र उल-इरफ़ान अली तक़्शफ़ा व तसोफा अज़हर अललून मोतदिल अलक़ाम, जमील अलहेय, हसन अलबज़, महमूद उलशीरइअ , हल्लू अलहदीस, ज़की अलतबा,हाजिर अलबदीहा, कवी अलज़ाकर , वकोरा कसीर अलवरा, तक़्या नक़्या ,ज़ाहिदा फि अलदन्या शदीद इलाक़तफ़ा बासर उन्नबी सिल्ली अल्ला अलैह वसल्लम, फ़िग़ुना लिम तर क़त एनी मसला फि इत्तिबा संइअ अलमुस्तफ़ा सिल्ली अल्ला अलैह वसल्लम...

व उलहक़ उन्न बह्र उल-इरफ़ान कान शोल अलिसलाह व अलनहौज़ व लहफा अलदाव व अलवरशाद, तफतहत एनाह अली इन्पतात उलमुस्लिमीन व खसरान्हुम फि उलअसर अलहदीस, फ़िसी सया मशकूरा फि उन्हाज़हम मिन अलज़होल व अलहेआम , व अख़राजहम मिन कार इलतख़ल्लुफ़ व अलखसरान, व काम बासुहामात मुबारक फि तबसीरहम , व ईक़ाज़ हवासहम व तरबीयज अफ़्क़ारहम, व तहजीब अख़लाक़्हम, व शहज़ अज़हान्हुम बकतबा व रसायला व ख़ुतबा व

मवाइज़ा, व हदीसा व मजालिसा हती तमकन मिन उल्लास्तहवाज़ अली किलूबहम फ़ालतफ़वा हौला, व इक़तिफ़वा असरा, व अग़तरफ़वा मिन फ़िकरा व नहलवा मिन मुँहला अश्शरीफ़.

लकद तबुआ बह्र उल-इरफ़ान मकान अजीमउ फि इलतसूफ़ , व काम बद्दूर जलील फि नहज़ता व बसहम रबीह फि तन्मीता , फ़ज़्ज़नना वजदना इलतसूफ़ इंदा कान्ह लमा खयाली, फीफ़ीज़ विमीज़हा फि समावात अलफ़कर , फ़ित्नबास अशतहा मक्ली सहीफ़ज़ अलक़लब, फीफ़ीज़ बलालाइहा नूरा यत्सल ख़ीता बासला उल्लिसान व उलक़लम .

व ज़लक़ हो बह्र उल-इरफ़ान अलज़ी नफ़ज़ अन इलतसूफ़ गुब्बार इलतख़ल्लुफ़ व अलज़ाफ़, व रद्द तुलीय अलहया व बासा बासा जदीदा, व अर्ज़ा फि सौब फ़ुती असील, व सब फिया मिन अमला व फ़िकरा व ख़लक़ा तजाह असरा व मुजतमआ, व मिन सम याद क़म मिन अलक़मम अलालिया फि तारीखना उलसूफी उलारीक़...

व दौरे अलमलमोस फि ख़िदम अलइसलाम वालमुस्लिमीन:

मम्मा ला मरीख़ फिया बाण बह्र उल-इरफ़ान लइब दौरा मलमोसा फि तबलीग़ उलहक़, विबयाना ललिनास, वतन्क़ीता मिन अलशवाइब, वालानाराफ़ात, वालतज़्यीफ़ात, वित्तालीम एलिनास अलज़ी युहताजूंह मिन उलूम उलक़ुरआन उलक्रीम, वालसंह अलंबोय, वालअमल अली तज़कियाहम बालालम अलक़ायम अली हज़ीन अलासलियन, फालमहिम उलहलाल, वालहराम, व बेन लहम तरीक़ अलख़ैर, वालशर, व दुआहम मक्ली अल्ला, व अमर बिलमारूफ़, व नही अन अलमनकर, व बेन लहम मा अश्कल अलैहम मिन शोवन हयातहम, व इफ्ती एलिनास, व बज़ल अलन्नसीह लउमूम उलमुस्लिमीन, फौजहाम ललहक़, वाली इलाख़स फि औकात हलूल अलफ़तन, वालन्नवाज़िल, वमन दौरे ईज़न जिहाद अहल अलज़मलाल, विमक़ारतहम, वालत्शावर फेमा बेन अहल अलालम व उल-इरफ़ान व लो कांवा सग़ारा लिलाज उलमाज़लात, वाल्मुश्किलात, बहीस कान उलहक़ वालसवाब हदफा.

फ़ममा ला युहमल रीबा उन्ह ख़ुदम अलइसलाम वालमुस्लिमीन बतरक क्षति, व बसबल अद , व मिन उज्जल ज़लक़ जॉब अलबलाद , व तक़लब फि अलामसार , व वासल अललील बालनहार, विलम तकतहल एनाह जेदा बालमनाम व लिम युनिम मिला अलजफ़ून योमा मिन अलायाम , व लिम याकुल मा अलज़ व ताब. वालान आन अलावान बाण असरद लकम बाज़ा मिन ख़िदमाता अलबारज़द .

व मिन उबरज़ ख़िदमाता फि सबील अलइसलाम वालमुस्लिमीन :

बिना उलमदारिस व उलमसाजिद व अलज़वाया .

तसनीफ़ अलमसन्निफ़ात व तालीफ़ अलमुल्लफ़ात.

उलक़याम बालदाव व इलतबलीग़ व इलतिदरीस .

अम्मा उलमदारिस उलती बनाहा फही कालआती :

1। इलजामाज़ अलाहमदीज़ अलसनी: , यदुर्स फ़ीहा हवाली सलास माद्दि तालिब उलउलूम अलंबोय , व कुलहम अली नफ़क़ू इलजामाज़.

2। जामाज़ अलमहसनात ललबनात: , ततिल्लुम फ़ीहा अक्सर मिन ख़ुमस माद्दि तालिब उलउलूम अलइसलामेद , व हुन कज़लक फि कफाल इलजामाज़.

1_Warthi Public School : उलमदरस एलिसानवेष इलाम लतालीम अललग़ज़ अल्बेंजलिजीक़ व उलउलूम उलअसरीत.

2_Sarhind Public School: उलमदरस एलिसानवेष इलाम लतालीम उलउलूम उलअसरीत व अललग़ज़ अलांजलिजीक़.

उलमद्रास उलती अशरफ अलैहा ही कालआती :

1_ जामाज़ हकीम अब्द उलही : बमदीन क़ायम ग़ुंज, मिन मदेरिय फ़र्ख़ आबाद , उत्तराबरदेश उलहिंद.

2_ इलजामाज़ अलख़ैरिय : बमदीन सेवान, मिन विलाय बिहार .

3_ दारउलउलूम फ़ैज़ान गरीब नवाज़ : बमदीन जतूर जरा, मिन विलाय राजस्थान.

4_ उलमदरस फ़ैज़ान बाला बीयर : बमदीन क़न्नौज ,उत्तराबरदेश.

5_ उलमदरस अलवारसीज़ : मलावान , बमदेरी ,हरदोई ,उत्तराबरदेश.

6_ उलमदरस अलारबया अहल अलसंह हिदाय अलइसलाम : बसंत बोर मिन मदेरिय देवरिया ,उत्तराबरदेश.

7_ दारउलउलूम अलवारसीज़ : दीदार ग़ुंज, क़न्नौज, उत्तराबरदेश.

8_ उलमदरस गुलशन अहमदीज़ : तालिजराम ,क़न्नौज ,उत्तराबरदेश.

9_ उलमदरस बज़्म इसलाम : बक़रीज़ साकिन मिन मदेरिय जहांसी ,उत्तराबरदेश.

10_ उलमदरस उलमजददे गुलशन आफ़ाक़: बक़रीज़ बबलवती, हसन बोर बमदेरी अमरोहइअ, उत्तराबरदेश.

11_ जामाज़ रज़ा अली: ब्राओ जिंदोली ,उत्तराबरदेश.

12 _ व उलमदारिस उलती बन्तहा ख़रीजात जामाज़ अलमहसनात ललबनात...

अलज़वाया उलती इक़ामहा अव अशरफ अलैहा ही कालताली :

1_ अल्ज़ाविआ उलमजददे अल्मर्कज़ीज़: बाहमद नग़र, क़न्नौज

2_ अल्ज़ाविआ उलख़फ़ाक़ी: बहबीब बोर, मिन मदेरिय बनारस उत्तराबरदेश.

3_ अल्ज़ाविआ उलख़फ़ाक़ी: बमरी बालम , मिन वैषाकाबाताकानम ,उलहिंद.

4_ अल्ज़ाविआ उलख़फ़ाक़ी: बशाहीन बाग , दिहली अलजदीद.

5_ अल्ज़ाविआ उलख़फ़ाक़ी: जिंदी जरा.

6_ अल्ज़ाविआ उलख़फ़ाक़ी: कुंती , मिन विलाय मदहिया बुरादेश.

मुसन्निफ़ाता व मुलफ़ाता:

लकद स्तरत अन्नामला अक्सर मिन ख़मसेन किताबा व रिसाल मुअज़्ज़महा फि इलतसूफ़ , व बाज़हा फि अलहकम व अलफ़लसफ़ , व क़वाइद अललग़ज़ अलारबया, व क़वाइद अल्फ़िक़ा व मा शुबह ज़लक़. व हाक बयान बाज़ मुँहा :

1_ आदाब अलतरीक़ा.

2_ अलसिलसले अलनक़्शबंदीज़ व सलूकहा.

3_ तज़किर अलमशाइख़ उलमजददे.

4_ अलज़कर व अलफ़कर.

5_ अस्सलाह व अल-फ़लाह.

6_ उल्मा इलाख़िर.

7_ तरबीयज अहल अलसलोक.

8_ शरह मुलाहसन.

9_ शरह उसूल उलशाशी.

10_ शरह मेज़ान अलसिर्फ़.

11_ अलकशफ़ व अलालहाम मिन मंजूर शरई.

12_ अलशतहात व असबाबहा.

13_ अलख़साइस अलनक़्शबंदीज़.

14_ अलंबू व अलूलाय.

15_ अज़म अलसहाब.

16_ अलदाव मक्ली अल्ला

17_ इस्तिलाहात इलतसूफ़.

18_ आदाब अलमुहतमिम व उलमाल्लिम.

19_ फ़वाइद अलकशफ़

20_ इलतसूफ़ व फ़वाइदा.

क़यामा बालदाव व इलतबलीग़ व इलतिदरीस:

व लिम युक्तिफ़ बह्र उल-इरफ़ान अली बिना उलमदारिस व उलमसाजिद व अलज़वाया , व तसनीफ़ अलमसन्निफ़ात व तालीफ़ अलमुल्लफ़ात फ़ुहसब बल लिम यज़्ल यबलिग़ रिसाल अलइसलाम अलसमह व यदुर्स इलूमा व यदाव तुलीय तैल हयाता , विलम यालो जहदा फि सबेला , विलम यद्ख़र नफिसा व नफीसा व ग़ाला व रुख़ीसा फि तरीका बल बज़ल कल मा इस्तिता ....

व बादमा अंजुज़ हज़ा अलांजाज़ात उलमदहश , व अलख़दमात अलजलील, मुज़ी फि सबेला मक्ली रफ़ीक़ा उल्लाइल्ली सबाह यूम अलसबत 14 यूलियो 2019म फ़ज्ज़ाह अल्ला ताली खैर अलजज़ा, व नूर मसवाह व रिज़्क़ा ज्वार हबीबा अलाहली _ सिल्ली अल्ला अलैह वसल्लम _ फि अलफ़र्दूस उल्लाइल्ली ...

“THE EPITOME OF ENDEARMENT”

By: Er Mohd Ghufran Haseeb Raza

(Nephew Huzoor Bahrul Irfan)

“If I know today what love is; It is just because of you”.

At the time of these mournful moments when everyone are shedding tears. How a family not share these moments of grievance for which Huzoor Bahrul Irfan was like a mountain who was saving each and every member of the family from the valleys of adverses that could be faced. Being the only sister of Huzoor Bahrul Irfan, my mother and all of us were on the receiving side of the infinite showers of

To the moment of arriving at the age of discretion, I always seen the pinnacle of solicitude of Huzoor Bahrul Irfan towards me and my whole family. He always used to remain in touch and desired to share the flashes of happiness and sorrow with the same intent and endearment. Here I'm sharing some incidents related to us with Huzoor Bahrul Irfan by which level of etiquettes towards his kith and kins can just be imagined;

On the day of my Aqeeqe, My grandfather took me to his Peer Soofi Azam Miyan Sahab and he gave me my name. Later on my father requested Huzoor Bahrul Irfan to give a name to me without telling him anything about my previous name. Huzoor Bahrul Irfan gave the same name which was already given by Soofi Sahab and suggested it as a historical name.

During his last trip to Hyderabad where I was posted for my job. At some point of duration I was feeling very much depressed due to the distance of my work location from kannauj. I pleaded for some blessings by Huzoor Bahrul Irfan so that I can get a job in a nearby city. On seeing my anxiousness, he gave me many blessings and also cited many instances of

great people from Islamic history to give me confidence so that I can feel good. Atlast shared with me two lines from a poetic verse to encourage me. Those two lines were as follows;

“Sir pe chadha wo phool jo chaman se nikal gya,

Izzat use milii Jo watan se nikal gya...............”

Some months ago we bought an old house in nearby area which was locked from many years. So we requested Huzoor Bahrul Irfan to see and perform ‘tarkeeb’ in that newly bought home. He told me that he would require the measurement of the house and according to that he would plan to do ‘tarkeeb’. One or two days later, on a visit to my home we also shown that home to Huzoor Bahrul Irfan. With only entering the home and without any measurement or anything else Hazrat told that he could see the shayateen which are living here. After managing all the things by himself, he also performed 'tarkeeb' by his own pious hands. After some days of completing the 'tarkeeb' when he came to my home again and unfortunately last time in June 2019, my mother requested him to give a sight to that old home and ask if there is any effect of those shayateen till then? On hearing this; he smiled and said to my mother, "Un Shayateen ki aisi taisii". After saying this sentence to my mother he left the home and Alhamdulillah from that moment none of us never felt any effect of those shayateen.

These above incidents are just some drops of the solicitude taken from an ocean entitled as Huzoor Bahrul Irfan that was filled with the pearls like love, grace and blessings for all of us. In reality these broken words can't etch into the real image of the endearment which Huzoor Bahrul Irfan had for all of us. Atlast I'm concluding the personality of Huzoor Bahrul Irfan for all of us by the two lines written by him;

"Na hote tum kahan milta nishan-e zindagi hamko,

Tumhare bin kahan milta shu'oore bandagi hamko".

अहले ख़ाना और क़राबत दारों के कलबी वारदात