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अल कौसर

क़ल्ब-ए-ज़ाकिर

याद करने वाला दिल

ज़िक्र में बीतता दिन — हर काम की दुआ, और वे औराद जो दिन को थामते हैं।

अमली नुक़्ते

उस पल की दुआ

दिन में आने वाले कामों की सात छोटी दुआएँ — मस्जिद में दाख़िल होना, सवारी पर सवार होना, वुज़ू शुरू करना, घर लौटना। हर एक रीडर में खुलती है, जैसे मजमूआ-ए-वज़ाइफ़-ए-अब्दाल में छपी है।

तोहफ़ा-ए-नवाफ़िल नमाज़

नफ़्ल नमाज़ों का तोहफ़ा

वे ख़ास नमाज़ें जो मजमूआ ज़रूरत के वक़्त के लिए रखता है: हाजत के वक़्त नमाज़-ए-हाजत और उसका वज़ीफ़ा, और मग़फ़िरत के लिए सलातुत तस्बीह। हर एक रीडर में खुलती है, जैसे मजमूआ-ए-वज़ाइफ़-ए-अब्दाल में छपी है।

ज़रूरत के वक़्त या चुने हुए दिनों में